कैसे करें चीन में एमबीबीएस की पढ़ाई?

जब हम पहले के आंकड़ों पर नजर डालते हैं, तो हम यह पाते हैं कि पहले डॉक्टर बन पाना बिल्कुल भी आसान नहीं हुआ करता था। देखा जाए तो आज भी यह इतना आसान नहीं है। फिर भी यदि कुछ करने का जज्बा हो तो कोई भी चीज मुश्किल नहीं होती। यदि आप में जोश है और आप अपनी तरफ से पूरी मेहनत कर सकते हैं, तो यकीन मानिए आपके सपनों को पूरा करने से आपको कोई भी नहीं रोक सकता। अपने रास्ते में आने वाली सभी तरह की बाधाओं को आप दूर कर पाने में सक्षम हैं। एक दशक से भी पहले कई लोगों के लिए एमबीबीएस किसी सपने की तरह हुआ करता था, मगर अब बहुत से देशों में भारतीय स्टूडेंट्स का दिल खोलकर स्वागत किया जा रहा है। कई देशों में बड़ी ही सस्ती कीमत पर एमबीबीएस की पढ़ाई ऑफर की जा रही है। इस तरह से भारत के सभी मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए मेडिकल की पढ़ाई का सपना अब सच होने जैसा दिखने लगा है।

विदेश में एमबीबीएस के लिए लोकप्रिय विकल्प क्या हैं?

बीते कुछ वर्षों के दौरान भारतीय स्टूडेंट्स के लिए चीन में एमबीबीएस एक बड़े ही लोकप्रिय विकल्प के रूप में उभर कर सामने आया है। कई ऐसे फैक्टर हैं, जो चीन को एक लोकप्रिय विकल्प बना रहे हैं। चीन के लोग बड़े ही मैत्रीपूर्ण तरीके से पेश आते हैं। यहां की जलवायु उपयुक्त है। तकनीकी यहां की उन्नत है। तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर भी काफी एडवांस है। चीन की अर्थव्यवस्था विकासशील है। यह हमारा पड़ोसी मुल्क है। मेडिकल एजुकेशन भी काफी विकसित है। यहां की डिग्री को दुनियाभर में मान्यता मिली हुई है। शुल्क भी बेहद किफायती है। एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए इस देश को चुनने के पर्याप्त कारण मौजूद हैं।

चीन में एमबीबीएस में दाखिला हेतु भारतीय स्टूडेंट्स के लिए जरूरी दस्तावेज

चीन में एमबीबीएस में दाखिला पाने के लिए जरूरी दस्तावेजों की सूची अलग-अलग विश्वविद्यालयों के साथ बदल सकती है। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि आप केवल उन आधिकारिक प्रतिनिधि या कंसल्टेंट के ही संपर्क में रहें, जिन्हें कि चीन में एमबीबीएस की एडमिशन प्रक्रिया के बारे में पूरी विशेषज्ञता हासिल है। एडमिशन को लेकर मार्गदर्शन करने के लिए केवल आधिकारिक कंसल्टेंट ही सबसे उचित माध्यम हैं। चीन में एमबीबीएस में दाखिला पाने के दौरान जरूरी बेसिक दस्तावेजों की सूची निम्नवत है:

  • 10वीं की मार्क्सशीट
  • 12वीं की मार्क्सशीट
  • नीट स्कोर कार्ड
  • पासपोर्ट आकार का फोटो (उजले बैकग्राउंड में)
  • न्यूनतम 6 माह की वैलिडिटी के साथ पासपोर्ट की एक कॉपी
  • स्वघोषित प्रमाण-पत्र
  • स्टडी प्लान
  • रिकमेंडेशन लेटर
  • फिजिकल मेडिकल एग्जामिनेशन रिकॉर्ड
  • गैप सर्टिफिकेट
  • बैंक स्टेटमेंट्स
  • यूनिवर्सिटी का भरा हुआ आवेदन पत्र

चीन में एमबीबीएस के लिए भारतीय स्टूडेंट्स के लिए जरूरी वीजा दस्तावेज

  • JW202 या जरूरी वीजा आमंत्रण
  • यूनिवर्सिटी से मिले एडमिशन लेटर्स
  • न्यूनतम 6 माह की वैलिडिटी के साथ पासपोर्ट
  • फिजिकल मेडिकल एग्जामिनेशन रिकॉर्ड
  • 2 पासपोर्ट आकार की फोटो (उजले बैकग्राउंड में)
  • अनिवार्य कोविड टेस्ट रिपोर्ट (महामारी की सूरत में देश के दिशानिर्देशों के अनुसार)
  • भरा हुआ वीजा एप्लीकेशन फॉर्म

चीन में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन लेने की प्रक्रिया

वैसे स्टूडेंट्स, जिनके माता-पिता चीन में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए ट्यूशन फीस और बाकी खर्च नहीं उठा सकते, वे एजुकेशन लोन ले सकते हैं। कई नेशनलाइज्ड बैंकों की ओर से स्टूडेंट्स के माता-पिता को उनके आय के प्रमाण के आधार पर या फिर संपत्ति के बंधक के रूप में रख कर एजुकेशन लोन प्रदान किए जाते हैं। बैंक भविष्य में पैसों की सुरक्षा के लिए स्टूडेंट्स को भी सह आवेदक बनाते हैं। आजकल बाजार में कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, एनबीएफसी और निजी फंडिंग फर्म्स मौजूद हैं, जो एजुकेशन फंड को पूरा करने के लिए आसान ईएमआई लोन उपलब्ध कराते हैं। इन संपत्तियों की उपलब्धता के आधार पर बैंक पैरेंट्स को लोन प्रदान करते हैं।

  • गार्जियन का आय प्रमाण-पत्र।
  • गार्जियन का सह आवेदक या गारंटर।
  • अतिरिक्त संपत्ति बंधक के रूप में।

लोन की अवधि लोन की राशि या संबंधित बैंक पर निर्भर करती है। आमतौर पर पब्लिक सेक्टर या सरकारी नेशनलाइज्ड बैंक की ओर से प्रदान की जाने वाली ब्याज दर एनबीएफसी या निजी फंडिंग फर्म्स की तुलना में थोड़ी कम रहती है। पब्लिक सेक्टर के बैंक बड़ी ही आसानी से लोन मंजूर तो करते ही हैं, साथ में इनकी प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ती है। यहां हम आपको एजुकेशन लोन के लिए बैंकों के साथ शेयर किए जाने वाले दस्तावेजों की सूची

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