12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद मुझे क्या करना चाहिए? कौन सा क्षेत्र मुझे चुनना चाहिए? मुझे कहां आवेदन करना चाहिए? मैं कैसे आवेदन कर सकता/सकती हूं? मेरे लिए कौन-कौन से अवसर मौजूद हैं?

ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनका सामना लगभग सभी स्टूडेंट्स करते हैं। जब आप इन सवालों के जवाब इंटरनेट पर ढूंढते हैं, तो बहुत से सलाह यहां आपके लिए उपलब्ध होती हैं। इनमें से कुछ आपको विदेश ले जाते हैं; कुछ अपने देश से भी कम कीमत पर कोर्स ऑफर करते हैं; कुछ आपको बहुत ही अच्छी स्कॉलरशिप का ऑफर देते हैं; तो कुछ आपको रोजगार के बहुत ही अच्छे अवसर दिखाते हैं।

scholarship

स्कॉलरशिप क्या है और आप कैसे उठा सकते हैं इसका लाभ?

स्टूडेंट्स को उनके एकेडमिक और उनकी अन्य उपलब्धियों के आधार पर अच्छी तरह से अपना विकास करने के लिए ग्रांट देकर प्रोत्साहित किया जाता है और इसी ग्रांट को स्कॉलरशिप के नाम से हम जानते हैं। सरकार, एनजीओ, क्लब, एसोसिएशन, यूनिवर्सिटी/संस्थान, फाउंडेशन और चैरिटी आदि की ओर से स्कॉलरशिप दी जाती है। इसके जरिए स्टूडेंट्स को फीस भरने में मदद की जाती है।

भारत में कोई ऐसा कॉलेज नहीं है, जो मेडिसिन की पढ़ाई करने की योजना बना रहे स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप देता है। वहीं, विदेशों से एमबीबीएस करने पर कई यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में स्कॉलरशिप के विकल्प मौजूद होते हैं और स्टूडेंट्स के लिए यह निर्णय करना कठिन हो जाता है कि उन्हें कहां आवेदन करना चाहिए और कहां नहीं। इसमें कोई शक नहीं कि यूके, यूएसए, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड और बहुत से ऐसे देश हैं, जहां पर कि मशहूर संस्थानों के द्वारा बहुत ही अच्छी स्कॉलरशिप स्टूडेंट्स को ऑफर की जाती है। हालांकि, इन देशों में एमबीबीएस की फीस इतनी ज्यादा है कि कुछ ही स्टूडेंट्स इस फीस को भर सकते हैं। साथ ही इन देशों में चयन की प्रक्रिया भी बहुत ही कठिन है।

आगे क्या?

ऐसे में स्टूडेंट्स जब विदेशों से एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए अपने बजट वाले गंतव्य की तलाश करते हैं, तो रुस, चीन, कजाकिस्तान, यूक्रेन, जॉर्जिया और फिलीपींस जैसे देश उनके चॉइस लिस्ट में सबसे ऊपर आते हैं। ये जितने भी देश हैं, इन सभी में केवल चीन ही ऐसा देश है, जो एमबीबीएस प्रोग्राम के लिए आधिकारिक तौर पर स्कॉलरशिप देता है। चीन में एमबीबीएस प्रोग्राम के लिए स्कॉलरशिप की शुरुआत 4000 RMB से होती है और यह 50,000 RMB तक भी चली जाती है। चीन में जहां कई विश्वविद्यालय एंट्री लेवल स्कॉलरशिप देते हैं, तो वहीं बाकी विश्वविद्यालय उनके यहां स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के आधार पर स्कॉलरशिप ऑफर करते हैं। यदि किसी भारतीय स्टूडेंट को NEET में 200 से ज्यादा अंक प्राप्त हुए हैं, तो वह चीन में एमबीबीएस के लिए स्कॉलरशिप का लाभ उठा सकता है। स्कॉलरशिप का लाभ उठाने के लिए समय रहते आवेदन कर देना बहुत ही जरूरी होता है। पिछले कुछ वर्षों में भारत के मेडिकल स्टूडेंट्स को चीन के जिन विश्वविद्यालयों ने एंट्री लेवल स्कॉलरशिप दी है, उनमें नानजिंग मेडिकल यूनिवर्सिटी, यांग्ज़्होउ यूनिवर्सिटी, जियांगसू यूनिवर्सिटी और शिन्गदाओ यूनिवर्सिटी शामिल हैं। चीन के अन्य विश्वविद्यालयों में भी पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स को अपने परफॉर्मेंस के आधार पर पढ़ाई के दौरान स्कॉलरशिप मिल जाती है।

चीन में एमबीबीएस के लिए स्कॉलरशिप

चीन में जो अलग-अलग स्कॉलरशिप एमबीबीएस के लिए दिए जाते हैं, उनमें शामिल हैं:

CSC स्कॉलरशिप- यह केंद्र सरकार की तरफ से दी जाती है।
प्रोविंशियल स्कॉलरशिप- यह प्रोविंशियल गवर्नमेंट की तरफ से दी जाती है।
यूनिवर्सिटी स्कॉलरशिप- यह यूनिवर्सिटी की तरफ से दी जाती है।

चीन में एमबीबीएस की स्कॉलरशिप के लिए कैसे करें आवेदन?

चीन में एमबीबीएस की स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने का मतलब यह नहीं है कि आपको कुछ अलग से करना पड़ेगा। चीन में एमबीबीएस के लिए आवेदन करने के दौरान ही यह किया जा सकता है। चीन के विश्वविद्यालयों की ओर से उनकी नीतियों के आधार पर आपको कुछ सीमा तक स्कॉलरशिप दी जा सकती है। आपको करना बस यह है कि सही वक्त पर यूनिवर्सिटी की ओर से मांगे गए सभी दस्तावेजों को अच्छी तरीके से पूरा कर देना है। किसी भी दस्तावेज को आपको पेंडिंग नहीं छोड़ना है और जमा करने में देरी नहीं करनी है। जितनी जल्दी आप आवेदन कर दें, उतना ही अच्छा होगा।

विदेशों में एमबीबीएस की स्कॉलरशिप के लिए जरूरी दस्तावेज

चीन में एमबीबीएस के लिए आवेदन करना और साथ में स्कॉलरशिप के लिए भी, यह एक बहुत ही सामान्य प्रक्रिया है। यहां पर कुछ दस्तावेजों की सूची हम आपको उपलब्ध करा रहे हैं, जिन्हें आपको एडमिशन के वक्त स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने के लिए तैयार रखना चाहिए।

  • 10वीं की मार्क्सशीट
  • 12वीं की मार्क्सशीट
  • NEET का स्कोर कार्ड
  • सफ़ेद बैकग्राउंड में पासपोर्ट आकार की एक फोटो
  • कम-से-कम 6 महीने की वैधता वाले पासपोर्ट की कॉपी
  • स्वघोषित प्रमाणपत्र यानी कि सेल्फ डिक्लेरेशन सर्टिफिकेट
  • 500 से 800 शब्दों में स्टडी प्लान या SOP
  • अपने फैकेल्टी से रिकमेंडेशन लेटर
  • शारीरिक स्वास्थ्य जांच संबंधी दस्तावेज
  • गैप सर्टिफिकेट (यदि पढ़ाई में कोई गैप हुआ है तो)
  • फंड्स दिखाने के लिए बैंक सर्टिफिकेट
  • यूनिवर्सिटी का आवेदन पत्र
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