पहले प्रयास में ही कैसे पाएं NEET में सफलता?

सभी मेडिकल स्टूडेंट्स का यह सपना होता है कि मेडिकल प्रोफेशनल्स के तौर पर वे अपने लिए एक सफल कॅरियर बनाएं। इसके लिए वे कई वर्षों तक खूब मेहनत करते हैं और अपने इस सपने को पूरा करने के लिए ढेर सारे पैसे भी खर्च करते हैं। किसी टॉप यूनिवर्सिटी में एडमिशन पाने के लिए राष्ट्रीय प्रवेश एवं पात्रता परीक्षा यानी कि NEET क्वालीफाई करना जरूरी होता है। ऐसे में सिर्फ कठिन मेहनत करने से काम नहीं चलता है, बल्कि बुद्धिमता से भी काम लेना जरूरी होता है। NEET की तैयारी के लिए बहुत ही कम समय रहता है। ऐसे में आप दिन-रात इसके लिए तैयारी करते हैं, लेकिन कई बार यह जरूरी हो जाता है कि आपको सही मार्गदर्शन मिले। नीट मुख्य रूप से NCERT के करिकुलम पर आधारित होता है। इसलिए पूरी तरीके से इसका विश्लेषण जरूरी होता है। NEET की तैयारी करने के लिए आपको एक सही शेड्यूल बनाने की जरूरत होती है और इस शेड्यूल के मुताबिक अपनी तैयारी करनी पड़ती है।

1. परीक्षा पैटर्न को करें फॉलो

जो प्रश्नपत्र होते हैं, वे एक निर्धारित पैटर्न के आधार पर ही तैयार होते हैं। आपको अपने पेपर में सभी सेक्शन पर ध्यान देना होता है। ऐसे में सैंपल पेपर लेकर आपको ज्यादा-से-ज्यादा इन्हें सॉल्व करना चाहिए। इससे हर सेक्शन के वेटेज के बारे में आपको जानकारी मिल जाती है। साथ ही टॉपिक्स का भी आपको पता चल जाता है।

2. इन्हें जरूर देख लें

सभी सवाल खास होते हैं और परीक्षा की तैयारी के दौरान आपको इन पर अच्छी तरह से ध्यान देना चाहिए। बायोलॉजी के एग्जाम की तैयारी करने के दौरान आपको निम्नलिखित महत्वपूर्ण टॉपिक्स को फॉलो करना चाहिए: सेल स्ट्रक्चर, फोटोसिंथेसिस, बायोटेक्नोलॉजी, जेनेटिक्स, प्लांट मोरफ़ोलॉजी, इवोल्यूशन और सेल्यूलर रेस्पिरेशन।

3. हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ दें

शुरुआत में आपको यह कोशिश करनी चाहिए कि आप पूरे प्रोग्राम की अच्छी तरीके से पढ़ाई करें। हालांकि, आपको यदि ऐसा लगता है कि अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है और प्रोग्राम को पूरा करने की जल्दी है, तो ऐसी स्थिति में आप महत्वपूर्ण टॉपिक्स चुन सकते हैं और अच्छी तरीके से उनकी तैयारी शुरू कर सकते हैं। आपको यह कोशिश करनी चाहिए कि आप इसे पूरा करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दें। कुछ महत्वपूर्ण चीजें, जिन पर आपको बहुत ही अच्छी तरीके से ध्यान देना है, वे हैं- डेवलपमेंट, रेस्पिरेशन और गैस एक्सचेंज, इकोलॉजी, बायोलॉजिकल क्लासिफिकेशन।

4. खास ध्यान दिए जाने वाले टॉपिक्स

यदि आपको लगता है कि आपने सभी महत्वपूर्ण टॉपिक्स पूरे कर लिये हैं, और इसके बाद भी आपके पास थोड़ा वक्त बचा है तो आपको जरूर से कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स जैसे कि द एनिमल किंग्डम, द एनिमल टिशूज, द एनाटॉमी आफ फ्लावरिंग प्लांट्स एंड द ग्रोथ एंड डेवलपमेंट ऑफ प्लांट्स आदि को एक बार फिर से ठीक से पढ़ लेना चाहिए। अन्य टॉपिक्स जैसे कि Plantae and Animalia के लिए आपको एक्स्ट्रा टाइम देने और ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। इसलिए आपको पूरी एकाग्रता के साथ तैयारी करनी चाहिए। यह जरूरी है कि आप NCERT के सभी उदाहरणों को अच्छी तरह से देख लें। 11वीं के सिलेबस के अनुसार सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स “Human physiology”, “Plant physiology”, “Cell biology” और “Biomolecules” हैं। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र में इन टॉपिक्स को लेकर पूछे गए सवालों के वेटेज के मुताबिक भी आप तैयारी कर सकते हैं। पौधों और जानवरों के सामान्य नाम के साथ वैज्ञानिक नाम पर भी आपको ध्यान देना चाहिए। साथ ही pedigree के साथ “Genetics” number की प्रैक्टिस करना भी आपको नहीं भूलना है।

5. प्रैक्टिस करने से बनेंगे परफेक्ट

यदि आपने किसी प्रोग्राम को पूरा भी कर लिया है, तो भी आपको इस प्रोग्राम की बार-बार प्रैक्टिस भी जरूर करनी चाहिए। यह प्रैक्टिस दो तरीके से की जा सकती है। या तो आप चैप्टर्स के मुताबिक प्रैक्टिस कर सकते हैं या फिर पिछले वर्षों के सैंपल प्रश्नपत्रों के मुताबिक प्रैक्टिस कर सकते हैं। आपको कैसे प्रैक्टिस करनी है, यह आपके सीखने और प्रैक्टिस करने के तरीके पर निर्भर करता है। जब आप किसी टेस्ट की या फिर सैंपल पेपर की प्रैक्टिस कर लेते हैं, तो इसके बाद आप अपनी परफॉर्मेंस को रिव्यू करें और यह देखें कि किन जगह पर आपने अभी भी कमी रह गई है। इसलिए अगली बार सैंपल पेपर सॉल्व करने से पहले उन टॉपिक्स की तैयारी आप और अच्छी तरह से कर लें।

यदि इस तरह से आप NEET के लिए तैयारी करते हैं, तो यकीन मानिए पहले ही प्रयास में नीट में सफलता पाने की आपकी गुंजाइश बहुत हद तक बढ़ जाएगी।

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