नेपाल में एमबीबीएस

Mbbs in nepal

नेपाल में एमबीबीएस

भारत में बहुत से ऐसे स्टूडेंट से हैं, जो बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना संजो रहे हैं। डॉक्टर बनने के लिए एमबीबीएस का कोर्स करना पड़ता है। एमबीबीएस का कोर्स सबसे कठिन कोर्सेज में से एक माना जाता है। भारत में ऐसे उन्नत सरकारी शिक्षण संस्थानों की कोई कमी नहीं है, जहां कि एमबीबीएस की अच्छी पढ़ाई होती है, मगर इन संस्थानों के मुकाबले एमबीबीएस कोर्स में दाखिला लेने वाले स्टूडेंट्स की तादाद कहीं ज्यादा है। ऐसे में केवल वैसे ही स्टूडेंट्स को इन संस्थानों में दाखिला मिल पाता है, जिनके अंक बहुत अच्छे होते हैं।

वैसे स्टूडेंट्स जो अच्छे अंक पाने में नाकाम रहते हैं, उनके लिए केवल एक ही विकल्प बचता है कि वे निजी कॉलेजों में दाखिला लेकर एमबीबीएस की पढ़ाई करें। इन निजी कॉलेजों में पढ़ाई कर पाना इसलिए मुश्किल होता है, क्योंकि इनकी फीस इतनी ज्यादा होती है कि इसका जुगाड़ करना बहुत से स्टूडेंट्स के पैरेंट्स के लिए मुमकिन ही नहीं होता। यही वजह है कि बहुत से स्टूडेंट्स एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए विदेश जाने का विकल्प तलाशते हैं।

वे ऐसा इसलिए करते हैं, क्योंकि कई देशों में एमबीबीएस की पढ़ाई करना भारत से भी अधिक सस्ता है। वैसे देश जहां एमबीबीएस की पढ़ाई कम कीमत में हो जाती है और एडमिशन लेने की प्रक्रिया भी वहां बड़ी आसान होती है, उनमें भारत का पड़ोसी देश नेपाल भी शामिल है। आप यदि एमबीबीएस में भारत में दाखिला नहीं ले पा रहे हैं, तो ऐसे में आप चाहें तो नेपाल का भी रुख एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए कर सकते हैं।

नेपाल में एमबीबीएस के विकल्प

इससे पहले कि नेपाल में एमबीबीएस की पढ़ाई की बात करें, हम यह जान लेते हैं कि नेपाल किस तरह का देश है। आपको बता दें कि भारत के पड़ोस में स्थित यह देश दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट का घर है। एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए न केवल भारतीय स्टूडेंट्स, बल्कि दुनियाभर के स्टूडेंट्स के लिए यह एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभरा है। भारत में जहां एमबीबीएस कोर्स में दाखिला लेने के लिए काफी प्रतिस्पर्धा चल रही है और मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या ज्यादा नहीं है, वैसी परिस्थिति में नेपाल उन छात्रों के लिए एक बढ़िया मंजिल साबित हो सकती है, जो एमबीबीएस की पढ़ाई करके डॉक्टर बनने का अपना सपना साकार करना चाहते हैं।

नेपाल के मेडिकल कॉलेजों में बहुत ही आसानी से भरी एडमिशन प्रक्रिया का पालन करके एडमिशन मिल जाता है। यहां तक कि यहां एडमिशन पाने के लिए डोनेशन देने की भी आवश्यकता नहीं पड़ती है। यही कारण है कि नेपाल एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए एक बहुत अच्छे विकल्प के रूप में उभरता जा रहा है।

एमबीबीएस के लिए क्यों करें नेपाल का चयन?

जाहिर सी बात है कि जब नेपाल से एमबीबीएस करने की बातें हो रही हैं, तो आपके मन में सबसे पहला सवाल यही आ रहा होगा कि आखिर नेपाल में ऐसी कौन सी विशेषताएं मौजूद हैं, जिनकी वजह से यहां से एमबीबीएस करना उचित होगा। नेपाल से एमबीबीएस करने की सबसे बड़ी वजह तो यह हो सकती है कि यहां की संस्कृति और यहां का रहन-सहन बहुत हद तक भारत से ही मिलता-जुलता है। फिर भी इसके अलावा भी बहुत सी ऐसी बड़ी वजहें मौजूद हैं, जिनकी वजह से एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए नेपाल एक बहुत अच्छे विकल्प के रूप में सामने आता है।

नेपाल में जब स्टूडेंट्स एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए यहां के मेडिकल कॉलेजों में आवेदन करते हैं, तो दस्तावेज की प्रक्रिया ज्यादा जटिल नहीं होती है। नेपाल ने इसे बहुत ही आसान बना कर रखा है। दुनिया के बाकी देशों की यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के समय दस्तावेजों की प्रक्रिया जिस तरह की होती है, उन सभी के मुकाबले नेपाल में यह सबसे आसान है।

नेपाल से भारतीय स्टूडेंट्स के लिए एमबीबीएस करने की एक और महत्वपूर्ण वजह यह भी हो सकती है कि नेपाल के साथ भारत का संबंध कुछ मौकों को छोड़कर ज्यादातर बहुत अच्छा ही रहा है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से गहरा रिश्ता होने की वजह से दोनों देश एक-दूसरे के साथ सहयोग भी करते हैं। ऐसे में नेपाल में पढ़ाई या फिर यात्रा करने के लिए जाने पर वीजा की कोई आवश्यकता नहीं होती है, जबकि दुनिया के बाकी कई देशों में यदि पढ़ाई के लिए जाया जाए, तो वीजा बनवाने के लिए भी एक लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

दुनिया के बहुत से देशों के विश्वविद्यालयों जैसे कि संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, यूके और ऑस्ट्रेलिया में जब स्टूडेंट्स एडमिशन के लिए जाते हैं, तो यहां IELTS और TOEFL जैसी परीक्षाओं में बैठना पड़ता है। वहीं जब आप नेपाल में एमबीबीएस के लिए आवेदन कर रहे होते हैं, तो यहां के विश्वविद्यालयों में इस तरह की कोई भी मांग नहीं रखी जाती है। नेपाल में स्टूडेंट्स बिना किसी दबाव के बहुत ही खुशनुमा माहौल में एमबीबीएस की अपनी पढ़ाई कर सकते हैं। अंग्रेजी पर स्टूडेंट्स की कितनी अच्छी पकड़ है, इसके लिए किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होने की वजह से भी उन्हें किसी तरह की कोई टेंशन नहीं होती है।

किसी भी दूसरे देश से एमबीबीएस की पढ़ाई करके जब स्टूडेंट्स भारत आते हैं, तो यहां उन्हें नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) की तरफ से लिए जाने वाले स्क्रीनिंग टेस्ट में शामिल होना पड़ता है। चीन, रूस और यूक्रेन जैसे देशों से यदि तुलना की जाए, तो नेपाल में एमबीबीएस की डिग्री हासिल करने के बाद इस स्क्रीन टेस्ट में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स का उत्तीर्ण प्रतिशत कहीं ज्यादा रहता है।

नेपाल में बहुत से ऐसे मेडिकल कॉलेज मौजूद हैं, जिनके एमबीबीएस पाठ्यक्रम को भारत के नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और UNESCO जैसे संगठनों से भी मान्यता मिली हुई है। नेपाल में मौजूद मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की यदि बाकी देशों के कॉलेजों एवं भारत के ही प्राइवेट कॉलेजों से तुलना करें, तो इन सभी के मुकाबले यहां पर ट्यूशन फीस बहुत ही कम रहती है। यही वजह है कि यहां से एमबीबीएस की पढ़ाई करना वैसे स्टूडेंट्स के लिए मुमकिन हो जाता है, जो कि भारत में इसे अपने लिए नामुमकिन पाते हैं।

नेपाल के मेडिकल कॉलेजों की यह खासियत है कि यहां स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी उपलब्ध कराने के लिए सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। नवीनतम तकनीकों से ये लैस हैं, जिसकी वजह से स्टूडेंट्स को एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान ही यहां अच्छा-खासा अनुभव हो जाता है। नेपाल के मेडिकल कॉलेजों की एक खासियत यह भी है कि यहां बड़ी संख्या में जो प्रोफेसर पढ़ा रहे हैं, वे भारत से ही नाता रखते हैं। प्रतिष्ठित इंटरनेशनल यूनिवर्सिटीज से इन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में काफी अनुभव हासिल कर रखा है, जिसका लाभ स्टूडेंट्स को मिल पाता है।

नेपाल में एमबीबीएस की पढ़ाई करने का एक फायदा यह भी है कि यहां पर तय समय सीमा के अंदर एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी हो जाती है, जबकि दुनिया के बाकी कई देशों में एमबीबीएस की पढ़ाई की अवधि 6 साल को भी पार कर जाती है। नेपाल में एमबीबीएस का कोर्स 5.5 वर्ष का है, जिसमें 1 साल की इंटर्नशिप भी शामिल है। नेपाल की यह खासियत भी है कि यहां के लोग शांतिप्रिय हैं। इसकी वजह से विदेशी स्टूडेंट्स के लिए यह एक बड़ी सुरक्षित जगह बन जाती है।

भारतीय स्टूडेंट्स यदि नेपाल में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए जा रहे हैं, तो वहां पहुंचने के लिए उन्हें वीजा की आवश्यकता भी नहीं पड़ती है। इतना ही नहीं, यहां के कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम में होती है। बड़ी ही कम कीमत पर यहां के कॉलेजों में स्टूडेंट्स को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ अन्य कई तरह की जरूरी सुविधाएं मिल रही है।

भारत के बिल्कुल बगल में स्थित होने की वजह से नेपाल में भारतीय स्टूडेंट्स को अपना-अपना सा लगता है। यहां पर रहना भी बहुत महंगा नहीं होता है, क्योंकि दोनों देशों के बीच एक्सचेंज की दर भी बहुत ही कम है।

नेपाल के अधिकतर विश्वविद्यालयों में रहने-खाने की अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां पर भारतीय व्यंजन आसानी से मिल जाते हैं। नेपाल के मेडिकल कॉलेजों का कैंपस भी लुभाने वाला है। साथ ही यहां पर अच्छे पुस्तकालय भी मौजूद हैं। इनके अलावा यहां की प्रयोगशालाएं भी पूरी तरीके से विकसित हैं और मॉडर्न टूल्स एवं उपकरणों से भी लैस हैं।

नेपाल के मेडिकल विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों में परिसर में ही देश के बाहर से आने वाले स्टूडेंट्स के लिए भी रहने-खाने की अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। जो भारतीय स्टूडेंट्स एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए नेपाल जाते हैं, वे चाहें तो कॉलेजों की तरफ से उपलब्ध हॉस्टल की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यदि वे हॉस्टल में नहीं रहना चाहते हैं तो वे कैंपस के बाहर भी कमरा किराए पर लेकर या फिर पीजी में रह सकते हैं।

स्टूडेंट्स को यहां रहने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं आती है, क्योंकि नेपाल और भारत की संस्कृति लगभग समान होने की वजह से उन्हें यहां भी अपने देश जैसा ही माहौल मिलता है। खान-पान को लेकर भी स्टूडेंट्स को किसी तरह की कोई समस्या नहीं होती, क्योंकि पड़ोसी देश होने की वजह से यहां पर उन्हें भारतीय व्यंजन आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।

भारतीय स्टूडेंट्स के लिए नेपाल में भाषा भी कोई समस्या नहीं है, क्योंकि यहां के लोग हिंदी समझते हैं और हिंदी में बात भी करते हैं। साथ ही यहां के लोगों को अंग्रेजी की भी समझ है, जिसकी वजह से भारतीय स्टूडेंट्स को किसी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है।

मौसम के हिसाब से भी नेपाल भारतीय स्टूडेंट्स के लिए अनुकूल है, क्योंकि भारत के जैसा ही मौसम लगभग यहां पाया जाता है। इस वजह से नेपाल में रहने के दौरान मौसम के लिहाज से भारतीय स्टूडेंट्स को किसी भी तरह की परेशानियों से दो-चार नहीं होना पड़ता है। साथी ही नेपाल के पर्वतीय इलाके बड़े ही सुंदर दृश्य पैदा करते हैं, जिसकी वजह से यहां एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए पहुंचने वाले भारतीय स्टूडेंट्स का मन भी लगा रहता है।

नेपाल से एमबीबीएस के लिए जरूरी योग्यताएं

जो स्टूडेंट्स नेपाल से एमबीबीएस की पढ़ाई करना चाह रहे हैं, उनके लिए एडमिशन के लिए जरूरी योग्यताओं की जानकारी होना बहुत ही जरूरी है। नहीं तो उनके आवेदन निरस्त हो सकते हैं अलग-अलग तरह के यूजी और पीजी कोर्स वाली परीक्षाओं की वजह से योग्यताएं भी अलग अलग हो जाती हैं परीक्षा से संबंधित दिशा-निर्देश भी हर साल परीक्षा लेने वाली संस्थाओं की तरफ से जारी किए जाते हैं।

बेसिक योग्यताओं की यदि बात करें तो यह केवल उनके लिए है, जो कि यूजी कोर्स में दाखिला ले रहे हैं और जिन्होंने बायोलॉजी, भौतिकी और रसायन के साथ 12वीं किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड या यूनिवर्सिटी से पास कर ली है। वहीं, जो स्टूडेंट्स पीजी पाठ्यक्रमों में दाखिला लेना चाहते हैं, उनके लिए किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से ग्रेजुएट होना जरूरी है। साथ ही उसी विषय में उन्हें डिग्री के लिए आवेदन करना पड़ता है।

नेपाल में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए 12वीं की परीक्षा कम-से-कम 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण होना जरूरी होता है। उसी तरह से पीजी प्रोग्राम में एडमिशन पाने के लिए ग्रेजुएशन में भी न्यूनतम इतने अंकों की आवश्यकता होती है।

दूसरे देशों के स्टूडेंट्स के लिए चयन की प्रक्रिया अलग होती है। वे संबंधित योग्यता परीक्षाओं के माध्यम से चयनित किए जाते हैं। भारत के जो स्टूडेंट्स नेपाल में एमबीबीएस करना चाह रहे हैं, उनके लिए नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में पास होना जरूरी होता है। साथ ही उनके पास एक वैध नेशनल मेडिकल कमिशन का सर्टिफिकेट भी होना चाहिए।

नेपाल में एमबीबीएस के लिए आवेदन की प्रक्रिया

नेपाल में जो स्टूडेंट्स एमबीबीएस करना चाह रहे हैं, उन्हें इसके लिए ऑनलाइन आवेदन जमा करना होता है। साथ में उन्हें सभी जरूरी दस्तावेज जैसे कि आधार कार्ड, पासपोर्ट आकार के फोटो, 10वीं और 12वीं के अंकपत्र भी जमा करने पड़ते हैं।

आवेदन प्रक्रिया में जगविमल कंसल्टेंट्स की टीम पूरी तरह आपको सलाह भी देती है और आपकी मदद भी करती है

एमबीबीएस के लिए चल रही है आवेदन प्रक्रिया

नेपाल के मेडिकल एजुकेशन कमिशन की तरफ से अलग-अलग मेडिकल प्रोग्राम्स के लिए आवेदन मंगाए गए हैं, जिनमें एमबीबीएस भी शामिल है। इसकी ओर से विदेशी स्टूडेंट्स से आवेदन मंगाए गए हैं। ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया बीते 22 मार्च को ही शुरू हो गई है, जो कि 25 अप्रैल, 2021 तक चलने वाली है। प्रवेश परीक्षा के लिए 8000 नेपाली रुपये की फीस निर्धारित है। नोटिफिकेशन के मुताबिक 22 अप्रैल, 2021 तक फीस जमा की जा सकती है।

ये भी जानें

नेपाल से एमबीबीएस की पढ़ाई को लेकर बहुत से स्टूडेंट्स के मन में यह सवाल उठता है कि नेपाल से जो वे एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त करते हैं, क्या दुनिया भर में इस डिग्री की बदौलत वे प्रैक्टिस कर सकते हैं। क्या सभी देश इस डिग्री को स्वीकार करते हैं, तो आपको बता दें कि नेपाल से प्राप्त की गई एमबीबीएस की डिग्री की मान्यता दुनियाभर में है। इसलिए यदि आप नेपाल से एमबीबीएस करने की योजना बना रहे हैं, तो यह एक अच्छा निर्णय है। साथ ही यहां से एमबीबीएस की पढ़ाई करना आपके बजट के मुताबिक भी अच्छा ही रहता है।

नेपाल में एमबीबीएस के पाठ्यक्रम को चूंकि भारत के नेशनल मेडिकल कमिशन ने मान्यता दी हुई है, ऐसे में भारतीय स्टूडेंट्स के लिए यहां से एमबीबीएस की पढ़ाई कर लेने के बाद भारत में प्रैक्टिस करना आसान हो जाता है। नेपाल भी अपने भारतीय स्टूडेंट्स को भारत में प्रैक्टिस करने के लिए अनुमति देता है।

भारतीय स्टूडेंट्स के लिए नेपाल जाना बहुत ही आसान होता है। वे सिर्फ अपने पासपोर्ट और एक वैध पहचान पत्र के साथ नेपाल में प्रवेश कर सकते हैं। नेपाल के अधिकतर मेडिकल विश्वविद्यालय ऐसे हैं, जहां पर कि पांचवें वर्ष में प्लेसमेंट प्रोग्राम मौजूद होते हैं। स्टूडेंट्स को प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों और अस्पतालों में प्लेसमेंट दिया जाता है। हालांकि, इसके लिए उनके पास जरूरी योग्यताएं होनी जरूरी होती हैं।

और अंत में

कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि भारतीय स्टूडेंट्स के लिए नेपाल में एमबीबीएस की पढ़ाई करना बिल्कुल भी कठिन नहीं है। जिन भारतीय स्टूडेंट्स को भारत में एमबीबीएस की पढ़ाई करने में समस्या हो रही है, वे यदि खुद को थोड़ा भी आर्थिक रूप से सशक्त पाते हैं, तो वे एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए नेपाल का रुख कर सकते हैं। पड़ोसी देश और मित्र देश होने की वजह से भारतीय स्टूडेंट्स के लिए नेपाल में बिल्कुल अपना जैसा माहौल होता है, जो पढ़ाई में भी उनका ध्यान लगाने में बड़ा ही कारगर साबित होता है। इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि नेपाल में एमबीबीएस करना भारतीय स्टूडेंट्स के लिए फायदे का ही सौदा है।
 

Nepal University

Get a Quote

Fill the form below to get a FREE QUOTE!

YouTube