बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स इन सप्प्रेशन्स ऑफ़ मेडिकल कॉउन्सिल ऑफ़ इंडिया

NEETसभी लोगो को सूचित किया जाता हैं कि मेडिकल काउन्सिल ऑफ़ इंडिया, भारतीय सरकार  एवं स्वास्थय और परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली की सम्मति से 2002 में पारित  “प्रवेश नीति नियमों ” एवं विदेश में चिकित्सा पाठयक्रम में पात्रता , 2002 में 1st मार्च 2018 को जनसूचना द्वारा जारी नीट की परिक्षा में बदलाव जारी करे हैं! नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट उन सभी छात्रों के लिए अनिवार्य है जो कि चिकित्सा के क्षेत्र में भारत के अंदर या विदेश में प्रवेश करना चाहते हैI मई 2018 के बाद कोई भी भारतीय या विदेश मूल का छात्र जो कि चिकित्सा की शिक्षा लेना चाहता हैं , उसे इस परीक्षा को उत्तीर्ण करना अनिवार्य हैंI

इसी विषय में जनसूचना के द्वारा 14 सितम्बर 2018 को मेडिकल काउन्सिल द्वारा घोषित 27 /9 /2018 के परिपत्र के अनुसार  जोकि माननीय उच्च न्यायालय नई दिल्ली द्वारा पारित किया गया, में अंकित WPPC , No 8091 / 2018 एवं संगलित मामलों में उन सभी लगो को विदेशी चिकित्सा महाविद्यालय में प्रवेश का अनुमोदन दिया गया हैंI जिन्होंने मार्च 2018 से पूर्व किसी भारतीय या विदेशी कॉलेज में 2018 -19 के सन्न में दाखिला पायाI 1st मार्च 2018 को पारित “नीट” के परिपत्र को समझ पाने से परेशान विभिन्न कंसलटेंट्स एवं छात्रों ने जो कि फिलिंपस में चिकित्सा की शिक्षा प्राप्त करना चाहते थे, ने नीट प्रवेश से संबंधित परेशानियां MCI के समक्ष पत्रचारिता के माध्यम से रखीI मामले की गंभीरता को समझते हुए बोर्ड ऑफ़ गवर्नरस के द्वारा “नीट “संबंधित ने निन्मलिखित सूचना प्रदान प्रदान की है ;

1) 2019 में जिन छात्रों ने नीट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात् विदेशों में प्री – मेडिकल या / भाषा आधारित कोर्स के लिए गए हैं, तो उन्हें आने के बाद एम् बी बी एस में प्रवेश के लिए दुबारा नीट की परीक्षा आवश्यकता नहीं.

2) एक बार नीट की परीक्षा पास करने के बाद नीट का स्कोर तीन साल तक वैध माना जायगाI ऐसे छात्र इस कालावधि के दौरान एम् बी बी एस या किसी भी चिकित्सा संबंधित कोर्स में प्रवेश पा सकते हैं I

3) भारतीय या बाहरी मूल के वह छात्र जिन्होंने नीट 2018 को पास या रिजल्ट नहीं लिया हैं; जून 2019 में आने वाले नीट परिणाम जोकि 5 जून 2019 को घोषित किया जायगा, से पहले किसी भी मेडिकल कोर्स में प्रवेश पाने के लिए योग्य माने जाएंगेI ऐसे छात्रों को MCI  के u /s 13 (4b) , 1mc ACT 1956 के तहत एक एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट प्राप्त करना अनिवार्य हैं I

4. भारतीय मूल के छात्र / या विदेशी छात्र जून 2019 के बाद नीट पास करने के पश्चात् ही किसी भारतीय या विदेशी संस्थान में मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर पाएंगेI

डॉ० आर० के० वत्स

जनरल सेक्रेटरी

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