हम पहले के ब्लॉग में आपको यह जानकारी दे चुके हैं कि किर्गिस्तान की हेल्थ मिनिस्ट्री की ओर से वहां के कुछ प्राइवेट इंस्टीट्यूशंस को मिली मंजूरी कैंसिल कर दी गई हैं। बीते फरवरी में जब उन्होंने यहां जांच की थी, तो इन इंस्टीट्यूशंस को अप्रैल तक का वक्त दिया गया था कि उनके यहां जितनी भी कमियां पाई गई हैं, उन सभी कमियों को वे सुधार लें और पूरी तरह से इन्हें दूर दें। यदि दोबारा जांच के दौरान उनके यहां सबकुछ सही पाया जाता है, तो एक बार फिर से उनके लाइसेंस को बहाल कर दिया जायेगा। यदि तब भी उनके यहां कमियां पाई जाती हैं, तो उनके लाइसेंस को पूरी तरह से निरस्त कर दिया जायेगा।

भारतीय दूतावास ने किया कन्फर्म

जब हमने यह जानकारी शेयर की थी तो कई कंसल्टेंट्स ने हम पर यह आरोप लगाये थे कि हम बिना किसी आधार के या बिना किसी प्रूफ के ये जानकारी दे रहे हैं। इन कंसल्टेंट्स ने वहां भारतीय स्टूडेंट्स के एडमिशन करवा रखे थे। अब हम आपको बता दें कि भारतीय दूतावास ने भी यह कन्फर्म कर दिया है कि किर्गिस्तान में एमबीबीएस की पढ़ाई करवाने वाले 12 इंस्टीट्यूशंस बंद कर दिये गये हैं। जब हमने भारतीय दूतावास से यह जानना चाहा कि इस जानकारी को स्रोत यानी कि सोर्स क्या है या इसे कैसे वेरीफाई किया जा सकता है, तो उन्होंने हमें दो न्यूज पोर्टल्स के बारे में जानकारी दी, जिन पर भारतीय दूतावास को भी भरोसा है। साथियों हमारा काम आपको यह कहना बिल्कुल भी नहीं है कि आप यहां एडमिशन लें, यहां वहां न लें, हम तो अब आपको लेटेस्ट जानकारी से अपडेट करते हैं।

बहुत से कंसल्टेंट्स ऐसे हैं, जो किर्गिस्तान में भारतीय स्टूडेंट्स का एडमिशन ऐसे-ऐसे इंस्टीट्यूशंस में करवा दे रहे हैं, जो बहुत छोटे हैं और जहां इन्फ्रास्ट्रक्चर नाम की कोई चीज ही नहीं है। इन इंस्टीट्यूशंस की ओरिजनल फीस दो से ढाई हजार डॉलर ही होंगे, मगर ये कंसल्टेंट्स आपसे तीन से चार हजार डॉलर ले लेंगे। इस तरह की प्रैक्टिस कई कंसल्टेंट्स द्वारा की जा रही है। हमारे द्वारा पोस्ट किये जा रहे वीडियोज या ब्लॉग को आधार बनाकर जब कोई सवाल उठाता है, तो इन कंसल्टेंट्स की तकलीफ बढ़ जाती है।

मिनिस्ट्री के बीच खींचतान

हालांकि, हम आपको एक और चीज यह भी बता दें कि किर्गिस्तान में इस वक्त मिनस्ट्री ऑफ हेल्थ और मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन के बीच भी काफी खींचतान चल रही है। दरअसल, जब मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ की ओर से जांच की गई थी और यह बात उठी थी कि इन 17 इंस्टीट्यूशंस के लाइसेंस कैंसिल किये जाएंगे जब वहां की मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ ने मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन पर यह आरोप लगाया था कि भ्रष्टाचार की आड़ में इन सभी इंस्टीट्यूशंस को अप्रूवल दे दिया गया था। मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ ने यह भी बताया कि क्लीनिकल प्रैक्टिस के अधिकार उनके हाथों में हैं। यदि उनकी ओर से किसी इंस्टीट्यूशन को क्लीनिकल प्रैक्टिस की मंजूरी नहीं दी जाती है, तो सिर्फ मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन की मंजूरी से वे इंस्टीट्यूशन अकेले नहीं चला सकते हैं। न ही वे किसी भारतीय स्टूडेंट या विदेशी स्टूडेेंट का एडमिशन ले सकते हैं।

मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ ने जब हाल ही में यह नोटिफिकेशन निकाला था कि 12 इंस्टीट्यूशंस के लाइसेंस कैंसिल किये जा रहे हैं, तो मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन की ओर से भी एक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया था कि इन इंस्टीट्यूशंस के लाइसेंस करने का अधिकार मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ के पास नहीं है। अपने इस लेटर में उन्होंने बताया कि ये मेडिकल इंस्टीट्यूशंस केवल दो ही परिस्थितियों में बंद हो सकते हैं। पहली परिस्थिति यह है कि इन इंस्टीट्यूशंस के मालिक इन्हें बंद करना चाहें और दूसरी परिस्थिति उन्होंने यह बताई कि यदि कोर्ट की तरफ से आदेश दिये जाते हैं, तभी इन इंस्टीट्यूशंस को बंद किया जा सकता है। मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ के पास इस तरह के अधिकार बिल्कुल भी नहीं हैं कि वे इन इंस्टीट्यूशंस को बंद कर दें।

आप रहें एलर्ट

इस तरह से यह खींचतान किर्गिस्तान में चल रही है और इसमें देखना यह होगा कि इसमें मिनस्ट्रिी ऑफ हेल्थ भारी पड़ती है या फिर मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन। हालांकि, जो स्टूडें्स इन इंस्टीट्यूशंस में एडमिशन ले चुके हैं और जो इनमें एडमिशन लेने की योजना बना रहे हैं, उनसे हम यह कहना चाहेंगे कि आप अपने भविष्य को लेकर एलर्ट रहें। कंसल्टेंट्स आपको यह कह सकते हैं कि मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन इससे हट जायेगा या फिर इसमें बदलाव हो जाएंगे, मगर जरा यह सोचिए कि यदि ऐसा नहीं होता है तो क्या होगा? मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन ने देश की आन और इसकी छवि के मुद्दे को भ्रष्टाचार के मुद्दे से भी ऊपर रखा है। आने वाले समय में किर्गिस्तान में डॉक्टरों की क्वालिटी खराब न हो और वहां की एमबीबीएस की डिग्री का कद बना रहे, इसे लेकर मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ कड़े फैसले ले रही है।

इस जानकारी को लेकर यदि आपके मन में किसी भी तरह की कोई शंका है तो आप हमसे हमारे व्हाट्सएप नंबर 9772378888 पर मैसेज कर सकते हैं। आप हमें इंस्टाग्राम पर फॉलो भी कर सकते हैं और हमारे यूट्यूब चैनल को भी सब्सक्राइब कर सकते हैं। आपकी मदद करके हमें हमेशा खुशी का ही अनुभव होता है।

YouTube

Already have an account? Log in